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प्रिंटर क्या है? इसकी परिभाषाए, प्रकार और कार्य – In Hind

Printer से आप क्या समझते हैं। क्या आप जानते हैं कि प्रिंटर क्या होता है। क्योंकि इस लेख में प्रिंटर क्या है। इसके प्रकार कितने हैं। इस लेख में प्रिंटर की पूरी जानकारी विस्तारपूर्वक बताया गया है। जिसमें Printer क्या है, की परिभाषा, का परिचय, के प्रकार और कार्य आदि प्रिंटर के बारे मे बताया गया है |

जो Computer के बारे में जानना चाहते हैं। क्योंकि यह Computer संबंधित उपकरण है। इसे आमतौर पर Computer से कनेक्ट कर के इस्तेमाल किया जाता है। इस लेख में Computer के महत्वपूर्ण सदस्य Printer से संबंधित कुछ ऐसे प्रश्नों का उत्तर दिया है। जिसे आप जानना चाहते होंगे। जो इस प्रकार है-

  • प्रिंटर क्या है और कैसे काम करता है?
  • प्रिंटर के प्रकार क्या है और इसका उदाहरण क्या है?
  • प्रिंटर की खोज किसने कि और कब किया?
  • प्रिंटर को कैसे जोड़ते है और वो कैसे काम करता है ?
  • प्रिंटर का उपयोग क्या है?
  • प्रिंटर की विशेषताए क्या है?
  • सबसे बेस्ट प्रिंटर कौन सा है?

What is Printer – प्रिंटर

प्रिंटर एक Output डिवाइस है जो Computer से Data प्राप्त कर उसका Output हार्ड कॉपी के रूप में प्रिंट करता है | प्रिंटर क्वालिटी को डाक पर इंच (DPI) में नपा जाता है | प्रिंटर इतनी तेजी से कार्य नहीं कर पाता। इसलिये यह आवश्यकता महसूस की गयी कि जानकारियों को प्रिंटर में ही Store किया जा सके। इसलिये प्रिंटर में भी एक Memory होती है जहाँ से यह परिणामों को धीरे-धीरे Print करता है। 

“प्रिंटर (Printer) एक ऐसा आउटपुट डिवाइस (Output Device) है जो सॉफ्ट कॉपी (Soft Copy) को हार्ड कॉपी (Hard Copy) में परिवर्तित (Convert) करता हैं|”

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What is Printer? - In Hind printer ko kaise jodte hai ccchindi
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Your Queries Answer

Printer की खोज किसने कि और कब किया?

1440 के दशक में Johannes Gutenberg ( जोहान्स गुटेनबर्ग ) द्वारा पहली Printing प्रेस का आविष्कार किया गया था। पहला व्यावहारिक प्रिंटिंग प्रेस भाप से चलने वाला रोटरी प्रेस था, जिसे 1843 में Richard March ( रिचर्ड मार्च ) हो द्वारा विकसित किया गया था। पहला व्यावहारिक डेस्कटॉप प्रिंटर डेज़ी व्हील प्रिंटर था, जिसे 1970 के दशक में विकसित किया गया था।

प्रिंटर के प्रकार – Types of Printer

आज के समय में इस भीड़ भाड़ भरी दुनिया में printer कई प्रकार के हो सकते है पर हम अभी तक सिर्फ दो ही प्रकार के प्रिंटर के बारे में पढ़ा है | जो इस प्रकार है | हा प्रिंटर दो प्रकार का होता है-

  1. Impact Printer – इम्पैक्ट प्रिंटर
  2. Non-Impact Printer – नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर

1. Impact Printer – इम्पैक्ट प्रिंटर

ये printer शोर करते हुए, धीमे, सस्ते और ख़राब गुणवत्ता वाले Output देता है कह सकते है की यह वह Printer होता है जोकि print करते समय हैमर करके इम्प्रेशन बनाता है | Impact Printer दो प्रकार का होता है –

इस प्रकार के प्रिंटर स्याही वाले रिबन पर स्ट्राइक करते है और कागज छाप बनाते है इसमें एक धातु या प्लास्टिक का हेड होता है जिसमे डाक मैट्रिक्स में 9 पिन या 24 पिन हेड, सिम्बल और character होते है |

  • करैक्टर प्रिंटर – Character Printer
  • लाइन प्रिंटर – Line Printer

करैक्टर प्रिंटर क्या है – Character Printer

एक वक्त में एक ही character को प्रिंट करता है | वह printer जो एक बार में केवल एक अक्षर ही छापता हैं उसे Character Printer कहते हैं | इसके द्वारा केवल अक्षर ही छापे जा सकते हैं | ग्राफिक्स printing इसके द्वारा संभव नहीं है | इनका उपयोग बहुत ही कम किया जाता हैं | इसके कई प्रकार है

डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर – Dot Matrix Printer

डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर धीमी गति का इम्पैक्ट प्रिंटर है। डॉट मैट्रिक्स printer एक बार में एक character प्रिंट करता है। डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर में एक हेड होता है जो बायें से दायें व् दायें से बायें घूमता है। इसके प्रिंटर हेड में कुछ छोटे छोटे हथौड़े होते हैं जो स्याही लगे रिबन पर प्रहार कर character उभारते हैं।

डेजीव्हील प्रिंटर – Daisy Wheel Printer 

यह ठोस मुद्रा – अक्षर (solid font)  वाला Impact प्रिंटर है। इसका नाम डेजी व्हील (daisy wheel )  इसलिए दिया गया है कि इसके प्रिंट हैड की आकृति एक पुष्प् गुलबहार (Daisy)  से मिलती है। डेजी व्हील प्रिंटर धिमी गति का प्रिंटर है लेकिन इसके output की स्पष्टा उच्च होती है।

  • डॉट्स मैट्रिक्स प्रिंटर के तुलना में इसका प्रिंटर क्वालिटी काफी अच्छा होता है |
  • डॉट्स मैट्रिक्स प्रिंटर के तुलना में ज्यादा आवाज उत्पन करता है |

लाइन प्रिंटर क्या है – Line Printer

Line Printer एक समय में एक अक्षर के बजाय पूरी लाइन को प्रिंट कर देते हैं इसलिए इन्हें लाइन प्रिंटर कहा जाता है | इसकी मदद से किसी डॉक्यूमेंट को तेजी से print किया जा सकता है | Line Printer भी अन्य Impact प्रिंटर की भांति होते हैं |

जिनमें Hammer लगा होता है जो स्याही भरी रिबन से टकराता है, पर इन प्रिंटर में यह अंतर होता है कि इसमें Hammer की एक सीरिज होती है, जिससे एक ही समय में एक पूरी line को प्रिंट किया जा सकता है | यह प्रति मिनट 3000 line print कर सकता है | इसके भी कई प्रकार है

चैन प्रिंटर – Chain Printer

Chain Printer में एक चैन होती है जो तेजी से घुमती है | इस चैन के प्रत्येक कड़ी पर एक अक्षर का fount होता है और प्रत्येक Print Position पर Hammer लगा होता है | Hammer की मदद से कागज को पहले स्याही भरी रिबन पर टकराया जाता है और फिर अक्षरों पर. जिससे अक्षर कागज़ पर छप जाते हैं | फिर इसी प्रकार से कागज़ अगली लाइन print करने के लिए आगे बढ़ता है |

ड्रम प्रिंटर – Drum Printer

Drum Printer में एक बेलनाकार ड्रम होती है जिसकी सतह पर सभी अक्षर print रहते हैं, और इसके पीछे Hammer की एक सीरिज लगी रहती है | Printing के लिए पेपर को dram के सामने रखा जाता है और जैसे ही ड्रम घूमता है | Hammer स्याही भरी रिबन के साथ उस अक्षर पर टकराता है | जिसे कागज़ पर print करना होता है और इस प्रकार से अक्षर कागज पर print हो जाता है |

बैंड प्रिंटर – Band Printer

यह Chain Printer के तरह ही कार्य करता है | लेकिन इस प्रिंटर में चैन के स्थान पर स्टील का print बैंड लगा होता है | इसमें भी हेमर के प्रहार से कागज पर character छप जाता है |

2. Non-Impact Printer – नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर

ऐसा प्रिंटर जो किसी भी पेपर पर बिना किसी प्रभाव एवं प्रहार के अक्षर तथा चित्र को उच्च गुणवत्ता (High Quality) के साथ प्रिंट करता हो Non-Impact प्रिंटर कहलाता है | यह प्रिंटर प्रिंटिंग में इलेक्ट्रोस्टैटिक केमिकल और इंकजेट तकनीक का प्रयोग करता है |

इस प्रिंटर के द्वारा ब्लैक एंड वाइट तथा रंगीन दोनों तरह के print प्राप्त कर सकते है | यह प्रिंटर इम्पैक्ट प्रिंटर के मुकाबले कम शोर उत्पन करता है | तथा तेज गति के साथ printing करता है | Non-Impact Printer तीन प्रकार का होता है-

  • इंकजेट प्रिंटर – Inkjet Printer
  • लेजर प्रिंटर – Laser Printer
  • थर्मल प्रिंटर – Thermal Printer

इंकजेट प्रिंटर – Inkjet Printer

इसमें जेट के माध्यम से आयनाइज्ड इंक का स्प्रे मैग्नेटिक प्लेटो से होता हुआ seeds या paper पर डॉक्यूमेंट इमेज या सिम्बल बनाता है | इस printer से हाई क्वालिटी प्रिंटिंग होती है | इससे 300 DPI या अधिक की print क्वालिटी का print किया जा सकता है |

लेजर प्रिंटर – Laser Printer

यह एक तेज गति के साथ print करने वाला non impact पेज printer है | इस प्रिंटर में character या चित्र को प्रिंट करने के लिए सेमीकंडक्टर लेजर बीम प्रकाशीय dram और आवेशित स्याही टोनर का प्रयोग किया जाता है | इसमें एक सिलेंड्रिकल dram होता है जिसे फोटोरिसेप्टर कहते है, पर लेजर बीम तब गिरती है जब paper printer से निकलता है |

यह ड्रम इलेक्ट्रिकली पॉजिटिव चार्ज होता है जिस पर लेजर बीम पैटर्न print करता है | एक बार जब पैटर्न dram पर बन जाता है तब यह टोनर काटरेज से एक layer बनाकर जो पेपर टोनर से पास होता है पर image प्रिंट करता है |

सामान्यतः टोनर ब्लैक होता है परन्तु कलर printer के कार्टेज में टोनर स्यान, मैगनेटा और यलो कलर का होता है | printing speed काफी तेज होती है और इसकी DPI 600 या अधिक होती है |

थर्मल प्रिंटर – Thermal Printer

थर्मल ट्रांसफर printing की प्रक्रिया में, रिबन को लेबल और print हेड के बीच चलाया जाता है, जिसमें लेबल के सामने रिबन का लेपित पक्ष होता है। जब रिबन और लेबल print हेड के ऊपर से गुजरते हैं, तो print हेड छवि को लेबल की सतह पर स्थानांतरित करने के लिए रिबन की कोटिंग को गर्म करता है।

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Printer की विशेषताए क्या है?

Printer कई आकार और प्रकार में आते हैं, और उनमें कई प्रकार की विशेषताएं होती हैं। printer की कुछ सामान्य विशेषताओं में शामिल हैं |

  • मुद्रण संकल्प: यह printout की स्पष्टता और विवरण को संदर्भित करता है। higher resolution का अर्थ है एक स्पष्ट और अधिक विस्तृत printout.
  • कलर प्रिंटिंग: कुछ प्रिंटर कलर में print करने में सक्षम होते हैं, जबकि अन्य केवल black and white में print करने में सक्षम होते हैं।
  • कनेक्टिविटी: कई प्रिंटर में बिल्ट-इन Wi-Fi या ब्लूटूथ होता है, जिससे वे computer या अन्य device से वायरलेस तरीके से कनेक्ट हो सकते हैं। कुछ प्रिंटर में computer से सीधे कनेक्शन के लिए USB पोर्ट भी होता है।
  • पेपर हैंडलिंग: अलग-अलग प्रिंटर में अलग-अलग paper हैंडलिंग क्षमताएं होती हैं। कुछ केवल मानक आकार के कागज पर print कर सकते हैं, जबकि अन्य लिफाफे, लेबल और अन्य विशेष मीडिया को संभाल सकते हैं।
  • स्वचालित डुप्लेक्सिंग: कुछ प्रिंटर कागज की बचत करते हुए स्वचालित रूप से पृष्ठ के दोनों किनारों पर print करने में सक्षम होते हैं।
  • गति: जिस गति से एक प्रिंटर प्रिंट कर सकता है उसे पृष्ठ प्रति मिनट (PPM) में मापा जाता है। उच्च PPM का मतलब है कि प्रिंटर कम समय में अधिक पेज print कर सकता है।

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